रांची में सांप्रदायिक तनाव और पत्थरबाज़ी

    • Author, रवि प्रकाश
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
  • प्रकाशित

झारखंड की राजधानी रांची में एक जुलूस के दौरान हुए हंगामे के बाद महात्मा गांधी मार्ग में निषेधाज्ञा लगा दी गयी है. यह हंगामा तब हुआ, जब एक कट्टरवादी हिंदू संगठन से जुड़े कुछ लोग कथित तौर पर इकरा मस्जिद के सामने आपत्तिजनक गाना बजा रहे थे. इसके बाद उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और रैपिड एक्शन फोर्स तैनात कर दी गयी.

रांची के एसडीओ भोर सिंह यादव ने बीबीसी को बताया, "संगठन के लोगों ने जुलूस निकालने की प्रशासनिक अनुमति नहीं ली थी. लिहाजा, साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है और जरुरत पड़ने पर इस मामले में एफआइआर भी कराया जाएगा. हम लोग स्थिति पर नजर रखे हुए हैं."

अँजुमन इस्लामिया के सदर इबरार अहमद का आरोप है, "रांची में पिछले कुछ दिनों से एक गाना बजाया जा रहा है, जिसके बोल आपत्तिजनक हैं. प्रशासन से पहले भी इसकी शिकायत की गयी थी. रांची के एसडीओ ने रामनवमी जुलूस के दौरान एक जगह इस गाने को बजाने पर रोक भी लगायी थी."

इबरार अहमद ने बीबीसी से कहा, "आज दोपहर जोहर की नमाज़ के वक्त कुछ लोग वही गाना बजाते हुए एकरा मस्जिद के पास जमा हो गए. नमाज के बाद लोगों ने इस गाने को बजाने पर आपत्ति की तो हाथापायी शुरू हो गई. इसके बाद दोनों तरफ से हंगामा शुरू हो गया. देखते-देखते मेन रोड कुछ देर के लिए रणक्षेत्र मे तब्दील हो गया. पुलिस अगर सतर्क नहीं रहती, तो बड़ा हंगामा हो जाता."

रांची के एसएसपी कुलदीप द्विवेदी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने बताया कि हंगामे की सूचना मिलते ही महात्मा गांधी मार्ग पहुंचने वाले तमाम रास्तों पर बैरिकेटिंग लगाकर लोगों को उधर आने से रोका गया. अभी स्थिति नियंत्रण में है.

इस बीच राज्य के कुछ दूसरे हिस्सो में भी तनाव की खबरें मिली हैं. देवघर के सारठ में आज हिंदू महासभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि देश को कट्टरपंथ से सबसे बड़ा खतरा है.

उन्होंने कहा कि अयोध्या मे राममंदिर का विरोध कोई इस्लाम या इसाईयत से नही है बल्कि कुछ राजनेता और कट्टरपंथी लोग वहां मंदिर नहीं बनने दे रहे.

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