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सीयूईटी-यूजी परीक्षा में देरी पर विवाद, एनटीए ने कहा- इन स्टूडेंट्स को मिलेगा दोबारा मौक़ा
कॉलेज में दाख़िले के लिए होने वाली सीयूईटी-यूजी 2026 परीक्षा शनिवार को कुछ सेंटर्स पर देरी से शुरू होने के बाद विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं.
परीक्षा आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने कहा है कि जो स्टूडेंट्स मौजूद थे और उनका बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन हो गया था, लेकिन उन्होंने एग्ज़ाम नहीं दिया, उन्हें दोबारा मौका मिलेगा.
इससे पहले एनटीए ने बताया था कि 'कुछ तकनीकी दिक्कतों की वजह से परीक्षा में देरी हुई, जिसका समाधान कर दिया गया है.'
एनटीए ने कहा था, "एग्ज़ाम देरी से शुरू होने की वजह से स्टूडेंट्स को एक्स्ट्रा टाइम भी दिया जाएगा."
राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी नेताओं ने परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक कथित सेंटर का वीडियो पोस्ट करते हुए एक्स पर लिखा, "देश को एक शिक्षित प्रधानमंत्री की ज़रूरत है."
ग़ौरतलब है कि इससे पहले तीन मई को हुई नीट की परीक्षा को लीक की शिकायतों के बाद रद्द कर दिया गया था. अब दोबारा नीट परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी.
इसे लेकर विपक्षी दलों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की काफ़ी आलोचना की और उनके इस्तीफ़े की मांग की है.
अभी यह मुद्दा शांत भी नहीं हुआ था कि सीयूईटी की परीक्षा में देरी का मामला सामने आया है. इस परीक्षा को भी एनटीए ही आयोजित करता है.
इन स्टूडेंट्स को मिलेगा दोबारा मौका
एनटीए ने शनिवार शाम को एक बयान जारी कर कहा, "जानकारी मिली है कि 3,765 अभ्यर्थी, जो परीक्षा केंद्र पर मौजूद थे और उनका बायोमेट्रिक पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर चुके थे, लेकिन परीक्षा दोबारा शुरू होने से पहले ही चले गए थे. ऐसे अभ्यर्थियों के लिए एनटीए फिर से परीक्षा आयोजित करेगा."
बयान में कहा गया, "कुछ परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण शिफ़्ट 1 की परीक्षा शुरू होने में देरी हुई. हम जानते हैं कि यह तनावपूर्ण था, और इससे हुई चिंता के लिए हमें खेद है."
एनटीए ने कहा, "परीक्षा दोबारा शुरू होने के बाद अधिकांश अभ्यर्थी (क़रीब 95 प्रतिशत) अपनी परीक्षा पूरी करने में सफल रहे."
बयान के अनुसार, "तकनीकी सेवा प्रदाता टीसीएस आयन (TCS iON) को मूल कारणों की जांच करने और अपनी रिपोर्ट तत्काल सौंपने के लिए कहा गया है."
एजेंसी ने कहा कि दोबारा आयोजित होने वाली परीक्षा की तारीख़ और अन्य जानकारी अलग से घोषित की जाएगी.
परीक्षा में देरी को लेकर एनटीए ने क्या कहा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "टीसीएस ने बताया कि उनकी तरफ़ से तकनीकी दिक़्क़त आई थी, जिसकी वजह से सीयूईटी-यूजी 2026 के कुछ सेंटरों पर शनिवार को देर से शुरू हुई. अब समस्या का समाधान हो गया है और परीक्षा में जितनी देर हुई है, उतना ही अतिरिक्त समय दिया जा रहा है, ताकि सभी स्टूडेंट्स को बराबर मौक़ा मिले."
एनटीए ने बताया, "दोपहर की परीक्षा का नया समय है- रिपोर्टिंग या एंट्री टाइम दोपहर 2:30 बजे और परीक्षा शुरू होने का समय 4:00 बजे."
एनटीए ने आगे लिखा, "हम स्टूडेंट्स और अभिभावकों को हुई परेशानी के लिए ईमानदारी से खेद जताते हैं."
एनटीए ने मदद के लिए एक हेल्पलाइन नंबर (+91-11-40759000) और ईमेल (cuet-ug@nta.ac.in) जारी किया है.
विपक्ष ने घेरा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था तबाह करने के आरोप लगाए हैं.
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, "नीट, सीबीएसई और आज सीयूईटी. चार परीक्षाएँ. एक करोड़ बच्चे. एक भी ईमानदारी से नहीं हो पाई. दावे 'विश्वगुरु' के, मगर देश में एक परीक्षा नहीं करवा सकते. मोदी जी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह कर दी है. जिस पीढ़ी का भविष्य आप बर्बाद कर रहे हैं, वही पीढ़ी आपका हिसाब करेगी."
इस मामले पर दिल्ली की पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी की टिप्पणी भी आई है.
आतिशी ने एक्स पर लिखा, "पहले नीट, फिर सीबीएसई, अब सीयूईटी… आज सीयूईटी 'तकनीकी समस्या' की वजह से देरी से शुरू हुई."
उन्होंने परीक्षा में देरी के लिए जारी किया गया नोटिस साझा करते हुए लिखा, "लाखों स्टूडेंट्स को पूरे भारत में आज परीक्षा देनी थी और घंटों इंतज़ार करने के बाद सभी सेंटरों के बाहर नोटिस लगाए गए हैं."
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में एक वीडियो साझा किया और लिखा, "वाराणसी में सीयूईटी एग्ज़ाम सेंटर की तस्वीरें हैं. स्टूडेंट्स को बताया जा रहा है कि सर्वर काम नहीं कर रहा है."
उस वीडियो में दावा किया गया है, "शीतला इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी है, जो उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के लोहता में सीयूईटी 2026 का केंद्र है. यहां परीक्षा सुबह 9:00 बजे शुरू होकर 10:00 बजे समाप्त होनी थी, लेकिन अभी 10:50 हो चुके हैं और हमें सूचना मिली है कि परीक्षा अभी तक शुरू नहीं हुई है."
इससे पहले दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नीट परीक्षा लीक को लेकर सरकार पर निशाना साधा था.
केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश में कहा, "नीट में पेपर लीक रोकने के लिए वायुसेना के विमानों का इस्तेमाल किया जाएगा. क्या इससे पेपर लीक रुक जाएगा? हमारी सरकार अनपढ़ों जैसी बातें कैसे कर सकती है?"
"उनकी पेपर लीक रोकने की कोई मंशा नहीं है. देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह माफिया के चंगुल में फंसी हुई है. अगर इसे ठीक करना है तो सभी को मिलकर काम करना होगा. कोई एक व्यक्ति अकेले कुछ नहीं कर सकता."
एनटीए निशाने पर
दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया एनटीए पर सवाल खड़े किए हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई से उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी सरकार ने एनटीए नाम की एक एजेंसी सेंटर लेवल पर बनाई, वे कहते हैं कि देश में जितनी परीक्षाएं होंगी ये एनटीए कराया करेंगी. जब से ये एजेंसी बनी है, बहुत बड़ा घोटाला देश के युवाओं, बच्चों के साथ हो रहा है. कोई परीक्षा ढंग से नहीं हो रही है."
उन्होंने कहा, "नीट की परीक्षा ठीक से नहीं हो रही है. सीबीएसई से लेकर एसएससी तक की परीक्षा में सरकार फेल हो गई. आज सीयूईटी परीक्षा का भी एनटीए ने मज़ाक बनाकर रख दिया है."
"आज बच्चे सेंटर पर पहुंचे तो समय बदल दिया, किसी का सेंटर बदल दे रहे हैं किसी की तारीख़ बदल दी जा रही है. पूरी अव्यवस्था है. ये मज़ाक नहीं है. पूरा परिवार परीक्षा के लिए कितनी मेहनत करता है, पीएम नरेंद्र मोदी इस बात को कभी नहीं समझ सकते."
राज्य सभा में तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने एक्स पर लिखा, "नीट के बाद, सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं और अब सीयूईटी परीक्षा. ये शासन व्यवस्था में कमी की वजह से है. नरेंद्र मोदी की सरकार शासन नहीं चला सकती."
"चुनावों और मोदी व्यक्तित्व के महिमामंडन में बहुत अधिक व्यस्त रहने के कारण सिस्टम के भीतर एक ढांचागत अक्षमता समा गई है. आरएसएस की संस्थागत औसत दर्जे की कार्यप्रणाली 21वीं सदी की जटिल प्रशासनिक ज़रूरतों का सामना करने में सक्षम नहीं है."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.