अमेरिका की ये बात मानना पाकिस्तान के लिए मुश्किल क्यों?: द लेंस

अमेरिका की ये बात मानना पाकिस्तान के लिए मुश्किल क्यों?: द लेंस
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बीते हफ़्ते अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में दो ऐसी घटनाएं हुईं, जिससे मध्य पूर्व में जारी संकट और दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन पर फिर बहस शुरू हो गई.

पहली घटना ये कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने का न्योता दिया.

और दूसरी ये कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो दिल्ली दौरे पर आए जिसे कई लोग भारत-अमेरिका रिश्तों में आई खटास को कम करने की कोशिश मान रहे हैं.

पहली नज़र में ये दोनों बातें अलग-अलग लग सकती हैं. एक मामला मध्य पूर्व से जुड़ा है, दूसरा भारत-अमेरिका संबंधों से.

लेकिन अगर इन दोनों को जोड़कर देखें, तो एक बड़ी जियोपॉलिटिकल तस्वीर सामने आती है. सवाल ये है कि अमेरिका पाकिस्तान को इस फ्रेमवर्क में क्यों लाना चाहता है?

क्या पाकिस्तान इसमें शामिल हो सकेगा? 'द लेंस' के आज के एपिसोड में इन सभी मुद्दों पर चर्चा की गई.

इस चर्चा में कलेक्टिव न्यूज़रूम के डायरेक्टर ऑफ़ जर्नलिज़म मुकेश शर्मा के साथ शामिल हुईं पत्रकार इरम अब्बासी और पत्रकार और विश्लेषक ख़ुशबू राज़दान.

प्रोड्यूसर: विदित मेहरा

वीडियो एडिटर: मुकेश कुमार

गेस्ट को-ऑर्डिनेटर: संगीता यादव

(बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित)