लाइव, अमेरिकी विदेश मंत्री बोले, 'होर्मुज़ स्ट्रेट के पूरी तरह खुलने के बाद भी ईरान पर लगे प्रतिबंध नहीं हटेंगे'
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में ईरान के "परमाणु कार्यक्रम के उन पहलुओं पर भी चर्चा हुई है जिनका ज़िक्र ईरान एक महीने या एक साल पहले तक नहीं कर रहा था."
सारांश
अमेरिकी विदेश मंत्री बोले, 'होर्मुज़ स्ट्रेट के पूरी तरह खुलने के बाद भी ईरान पर लगे प्रतिबंध नहीं हटेंगे'
अमेरिकी विदेश मंत्री बोले, 'होर्मुज़ स्ट्रेट के पूरी तरह खुलने के बाद भी ईरान पर लगे प्रतिबंध नहीं हटेंगे'
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इमेज कैप्शन, मार्को रुबियो ने दावा किया कि ईरान के पास इस वक़्त 'कोई नौसेना नहीं है'
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो
ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में ईरान के "परमाणु कार्यक्रम
के उन पहलुओं पर भी चर्चा हुई है जिनका ज़िक्र ईरान एक महीने या एक साल पहले तक
नहीं कर रहा था."
उन्होंने यह भी कहा कि "इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि कोई स्वीकार्य
समझौता हो पाएगा."
रुबियो ने मंगलवार को अमेरिकी सीनेट
की विदेश मामलों से जुड़ी समिति के सामने ये बातें कही हैं. इस दौरान उन्होंने
अमेरिकी अभियानों का बचाव किया और उन्हें 'बहुत सफल'
बताया.
उन्होंने कहा, "ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी अपने सैन्य उद्देश्यों को
हासिल करने में सफल रहा है, जिससे
ईरान का रक्षा उद्योग कमज़ोर हो गया है."
मार्को रुबियो ने दावा किया कि
"ईरान के पास आज कोई नौसेना नहीं है."
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, उन्होंने कहा कि अगर होर्मुज़
स्ट्रेट पूरी तरह से खुल जाता है तो भी अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंधों को नहीं
हटाएगा.
रुबियो ने अमेरिकी सीनेट के सदस्यों
से कहा, "इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है,
ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है."
उन्होंने आगे कहा कि ईरान की ओर से
एनरिच्ड यूरेनियम और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े पहलुओं को छोड़ने पर 'शर्तों के तहत' प्रतिबंधों में राहत मिल सकती है.
सीबीएसई चेयरमैन और सेक्रेटरी के तबादले पर क्या बोले विपक्षी नेता
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इमेज कैप्शन, विपक्षी नेताओं ने सरकार की कार्रवाई पर असंतुष्टि जाहिर की है (फ़ाइल फ़ोटो)
सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन
(सीबीएसई) के चेयरमैन और सेक्रेटरी के तबादले पर देश के विपक्षी दलों की
प्रतिक्रियाएं आई हैं.
विपक्षी नेताओं ने सरकार के इस
फ़ैसले के बाद असंतुष्टि जाहिर की है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
को हटाने की मांग की है.
सरकार ने मंगलवार को सीबीएसई के
चेयरमैन और सेक्रेटरी का तबादला किया. यह कार्रवाई 12वीं बोर्ड की परीक्षा
प्रक्रिया के डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद हुई
है.
इस पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश
ने एक्स पर लिखा, "सीबीएसई के चेयरमैन और सेक्रेटरी का
तबादला कर दिया गया है. न्याय की मांग है कि मंत्री प्रधान को भी पद से हटाया
जाए."
उन्होंने कहा, "मंत्री प्रधान ऐसे तंत्र की अगुवाई कर रहे हैं,
जो बहुत भ्रष्ट, अक्षम और अयोग्य है. इससे लाखों युवाओं के जीवन पर असर पड़ा है.
उन्हें तत्काल इस्तीफ़ा देना चाहिए."
वहीं, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सरकार की कार्रवाई से
असंतुष्टि जताई है.
केजरीवाल ने सीबीएसई के चेयरमैन और
सेक्रेटरी के तबादले से जुड़ी ख़बर को रीपोस्ट करते हुए सवाल उठाया, "सीबीएसई के चेयरमैन और सेक्रेटरी का तबादला कर
दिया गया? बस?"
उन्होंने कहा, "क्या इतने बड़े कथित घोटाले पर सरकार की
प्रतिक्रिया सिर्फ़ यही है? क्या यह
सज़ा है या संरक्षण?"
कर्नाटक पुलिस की सट्टेबाज़ी और गेमिंग वेबसाइटों पर बड़ी कार्रवाई, इमरान क़ुरैशी, बेंगलुरु से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, कर्नाटक पुलिस के मुताबिक़, इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के सहयोग से कार्रवाई हुई है (सांकेतिक तस्वीर)
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के इस
सीज़न के आख़िरी दिनों में कर्नाटक साइबर कमांड पुलिस ने देशभर में 8,750
सट्टेबाज़ी वेबसाइटों और मोबाइल ऐप्स के संचालन को रोका है.
कर्नाटक पुलिस की साइबर कमांड यूनिट
ने सट्टेबाज़ी से जुड़ी वेबसाइटों और ऐप्स पर बड़ी संख्या में कार्रवाई का काम
पहले ही शुरू कर दिया था. इसी दौरान 27 मई को सुप्रीम कोर्ट का वह आदेश आया,
जिसमें कर्नाटक संशोधन क़ानून को बरक़रार रखा
गया.
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट
के फ़ैसले को पलटते हुए 2021 में कर्नाटक पुलिस अधिनियम में किए गए संशोधनों को
वैध ठहराया.
शीर्ष अदालत ने कहा कि ऑनलाइन
सट्टेबाज़ी और गेमिंग न सिर्फ़ सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करती है, बल्कि जनस्वास्थ्य को भी नुक़सान पहुँचाती है,
क्योंकि इसका असर लाखों परिवारों और युवाओं पर
पड़ता है.
साइबर कमांड के अतिरिक्त पुलिस
महानिदेशक (एडीजीपी) एम. चंद्रशेखर ने पत्रकारों से कहा, "उदाहरण के तौर पर हम यह कह सकते हैं कि हमने जुए
के अड्डे तक जाने वाला रास्ता काट दिया है."
जब उनसे पूछा गया कि इन वेबसाइटों और
मोबाइल ऐप्स से सट्टेबाज़ी और गेमिंग में कितने पैसे शामिल थे, तो चंद्रशेखर ने कहा, "हमारे पास इसमें शामिल रक़म का सटीक आँकड़ा नहीं
है, लेकिन यह निश्चित तौर पर कहा जा सकता
है कि इसमें सैकड़ों करोड़ रुपये शामिल हैं."
उन्होंने कहा, "हमें इन सट्टेबाज़ी और गेमिंग ऐप्स का साइबर और
इनवेस्टमेंट फ़्रॉड से संबंध दिखाई देता है. इस मामले में गहन जांच की ज़रूरत है.
हमने पाया है कि साइबर और इनवेस्टमेंट फ़्रॉड से ठगी गई रक़म सट्टेबाज़ी और गेमिंग
वेबसाइटों तक पहुँच रही है."
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने कहा कि
यह अभियान इसलिए सफ़ल रहा क्योंकि देश के 37 इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स ने साइबर
कमांड, आंतरिक सुरक्षा प्रभाग (आईएसडी) और
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के संयुक्त अभियान में सहयोग किया.
हालाँकि, वह इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं थे कि 127 वेब होस्टिंग एजेंसियों ने
सहयोग किया या नहीं. इनमें से कई एजेंसियां भारत के बाहर स्थित हैं.
उन्होंने कहा, "हम वेब होस्टिंग एजेंसियों को एडवाइज़री जारी
करेंगे."
जब उनसे पूछा गया कि साइबर कमांड की
इस कार्रवाई का असर सिर्फ़ अगले आईपीएल सीज़न में ही दिखेगा, तो चंद्रशेखर ने कहा कि इस बारे में अभी कुछ कहना
जल्दबाज़ी होगी.
उन्होंने कहा, "वे अपनी वेबसाइटों के नाम बदल सकते हैं और किसी
दूसरी जगह पर नया ठिकाना बना सकते हैं. एक ऐसी कंपनी है जिसके पास 1,000 से
ज़्यादा यूआरएल हैं. अगर हम एक को ब्लॉक करते हैं, तो संभव है कि उसकी जगह 10 नए सामने आ जाएँ. लेकिन हम ऐसे नए ऑपरेशन्स
पर कड़ी नज़र रखेंगे."
योगी आदित्यनाथ बोले, 'हमने माफ़िया और मच्छर, दोनों को समाप्त किया'
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इमेज कैप्शन, योगी आदित्यनाथ मंगलवार को कुशीनगर ज़िले के दौरे पर रहे
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ इन दिनों अपने बयानों की वजह से चर्चा में हैं. उन्होंने मंगलवार को कहा
कि उनकी सरकार ने राज्य में 'माफ़िया
और मच्छरों को ख़त्म किया' है.
योगी आदित्यनाथ ने यह बयान कुशीनगर में
दिया.
उन्होंने कहा, "इंसेफेलाइटिस (दिमाग़ी बुखार) की बीमारी वैसे ही
समाप्त हो गई है, जैसे माफ़िया यूपी से समाप्त हो गए
हैं. हमने माफ़िया को भी समाप्त किया और मच्छर को भी समाप्त किया. मच्छर बीमारी
लाता था, माफ़िया बेरोज़गारी लाता था. बीमारी
और बेरोज़गारी दोनों की समस्या का समाधान किया है."
इससे पहले सोमवार को योगी आदित्यनाथ
ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने से जुड़ी मांग को लेकर बयान दिया था.
उन्होंने कहा, "तमाम मौलवी और मौलाना यह बयान दे रहे हैं कि गाय
को राष्ट्रीय पशु घोषित करो. हमने कहा कि गो हमारी माता है... क्या मां और पुत्र
के बीच कुछ घोषित करने की ज़रूरत पड़ती है?"
योगी ने कहा, "गाय हमारे लिए माता है, पशु तो तुम्हारी बुद्धि है. तुम्हारी सोच पशुवत है, जो गाय माता को पशु बोल रहे हो."
सीबीएसई ओएसएम विवाद: संसदीय समिति के सामने इस स्टूडेंट ने दिया प्रेज़ेंटेशन
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इमेज कैप्शन, सार्थक सिद्धांत संसद भवन एनेक्सी पहुंचे, जहां उन्होंने संसदीय स्थायी समिति के सामने अपनी प्रस्तुति दी.
सीबीएसई की नई
मूल्याकंन प्रणाली 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' को लेकर
मंगलवार को संसद की एक स्थायी समिति ने सुनवाई की.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, इस सुनवाई के दौरान सीबीएसई बोर्ड की 12वीं कक्षा के एक छात्र सार्थक सिद्धांत
(18) ने प्रेज़ेंटेशन के ज़रिए अपनी बात रखी है. वह अन्य कई स्टूडेंट्स की तरह ही ओएसएम
पोर्टल की वजह से अपने रिज़ल्ट को प्रभावित मान रहे हैं.
रांची (झारखंड)
के निवासी सार्थक सिद्धांत ने कोडिंग और रिसर्च स्किल के ज़रिए सीबीएसई की मूल्यांकन
प्रणाली (ओएसएम) और टेंडर प्रक्रिया में
अनियमितताओं का दावा किया था.
जिससे वह सोशल
मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए थे.
सार्थक ने अपने
ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से दावा किया था कि सीबीएसई ने टेंडर नियमों में बार-बार
बदलाव करके एक विवादित कंपनी को आंसर शीट्स के मूल्यांकन का ठेका दे दिया था.
सार्थन के अनियमितता के दावों के बाद एक संसदीय स्थायी समिति ने उन्हें बुलावा भेजा. इस
समिति में 31 सांसद बतौर सदस्य शामिल हैं और इसके अध्यक्ष दिग्विजय सिंह हैं.
यह
संसदीय स्थायी समिति शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल से संबंधित है जो शिक्षा मंत्रालय के कामकाज की समीक्षा, बजट जांच और महत्वपूर्ण शैक्षिक नीतियों की समीक्षा करती है.
कांग्रेस सांसद और इस संसदीय समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने समाचार एजेंसी
एएनआई से कहा, "उन्होंने
(छात्र सार्थक सिद्धांत) अपनी प्रस्तुति दे दी है. अब यह समिति पर निर्भर है कि वह
क्या निर्णय लेती है."
समिति ने सीबीएसई के नए मूल्यांकन सिस्टम के अलावा सीबीएसई बोर्ड की ओर से कक्षा
9 और
10 में
तीन-भाषा फ़ॉर्मूले पर भी चर्चा की है.
बता दें कि ऑनस्क्रीन
मार्किंग सिस्टम (ओएसएम), एक डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया है जिसे सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड की
आंसर कॉपियां जांचने के लिए इस्तेमाल किया था.
ओएसएम को लेकर उस वक़्त विवाद हुआ जब चार लाख स्टूडेंट्स ने सीबीएसई से अपनी स्कैन्ड कॉपियां मांगी. स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया कि कई कॉपियां धुंधली, ब्लैंक और बदली पाई गईं.
इन गड़बड़ियों
में सुधार के लिए सीबीएसई ने आज यानी दो जून से छह जून तक स्टूडेंट्स से आवेदन
मांगे हैं.
त्विषा शर्मा मौत मामले में अदालत ने अभियुक्त पति और सास को 14 दिन की रिमांड पर भेजा
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इमेज कैप्शन, त्विषा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं और उनकी शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी (फाइल फोटो)
भोपाल की एक
अदालत ने त्विषा शर्मा मौत
मामले में उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत
पर भेज दिया है.
दोनों दहेज प्रताड़ना
और मौत मामले के अभियुक्त हैं. वे सीबीआई की पांच दिनों की रिमांड पर थे जो सोमवार को
समाप्त हो गई.
सोमवार को ही सीबीआई ने दोनों अभियुक्तों को उनके भोपाल स्थित घर पर ले
जाकर घटना के सीन को री-क्रिएट किया था.
समाचार एजेंसी
पीटीआई के मुताबिक, सीबीआई ने मंगलवार को त्विषा शर्मा के पति और सास को जज शोभना
भलावे की विशेष अदालत में पेश किया.
त्विषा शर्मा
के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने बताया कि दोनों अभियुक्तों को 16 जून तक की न्यायिक
हिरासत में भेजा गया है.
बता दें कि बीते
12 मई को त्विषा शर्मा का शव फंदे पर लटका पाया गया था.
33 साल की पूर्व मॉडल त्विषा
शर्मा की मौत के बाद परिवार ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था.
त्विषा की सास गिरिबाला सिंह एक रिटायर जज हैं जिन्हें 28 मई को सीबीआई ने गिरफ़्तार किया था.
कॉकरोच जनता पार्टी ने सीबीएसई चेयरमैन और सेक्रेटरी के ट्रांसफ़र पर कहा, 'शिक्षा मंत्री को हटाओ'
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इमेज कैप्शन, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाए जाने की मांग कर रहे हैं
समाचार एजेंसी पीटीआई और एएनआई के
मुताबिक़, सरकार ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी
एजुकेशन (सीबीएसई) के चेयरमैन और सेक्रेटरी का तबादला कर दिया है.
सरकार ने यह कार्रवाई 12वीं बोर्ड की
परीक्षा प्रक्रिया के डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम में कथित अनियमितताओं के आरोपों के
बाद की है.
अब इस पर कॉकरोच जनता पार्टी
(सीजेपी) ने प्रतिक्रिया दी है.
सीजेपी ने एएनआई के उस पोस्ट को
रीपोस्ट किया, जिसमें सीबीएसई चेयरमैन और सेक्रेटरी
के ट्रांसफ़र की ख़बर थी और लिखा, "शिक्षा
मंत्री को बर्ख़ास्त करो."
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके
लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाए जाने की मांग कर रहे हैं.
सोमवार को उन्होंने एक वीडियो संदेश
में कहा कि वह 6 जून को भारत आ रहे हैं और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग
करेंगे.
ब्रेकिंग न्यूज़, सीबीएसई के चेयरमैन और सेक्रेटरी का ट्रांसफ़र, ओएसएम की जांच के लिए कमेटी का गठन
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इमेज कैप्शन, सीबीएसई के ओएसएम सर्विस के कारण विवाद हुआ है (फ़ाइल फ़ोटो)
केंद्र सरकार ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ़
सेकेंडरी एजुकेशन यानी सीबीएसई के 12वीं बोर्ड की परीक्षा से जुड़े विवाद के बाद
बोर्ड के चेयरमैन और सेक्रेटरी को हटा दिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई और एएनआई के
मुताबिक़, सरकार ने दोनों अधिकारियों का तबादला
कर दिया है.
एएनआई ने बताया, "सीबीएसई के चेयरमैन और सेक्रेटरी का तबादला कर
दिया गया है. सीबीएसई ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सेवाओं की ख़रीद की जांच के
लिए एक जांच कमेटी का गठन किया है."
पीटीआई ने यह भी बताया कि सरकार ने
ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम के लिए सेवाओं की ख़रीद से जुड़े मामलों की
जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया है.
एजेंसी के मुताबिक़, मंगलवार को कैबिनेट सचिवालय की ओर से जारी एक
मेमोरेंडम में कहा गया कि इस कमेटी की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष
एस. राधा चौहान करेंगी.
चौहान को ज़रूरत पड़ने पर अन्य
विभागों के अधिकारियों की मदद लेने का अधिकार दिया गया है.
सरकार ने 12वीं बोर्ड की परीक्षा
प्रक्रिया के डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद यह
कार्रवाई की है.
12वीं के कुछ स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया
है कि बोर्ड की ओर से अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी उनकी
लिखावट से मेल नहीं खाती.
इससे ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम)
सिस्टम में उत्तर पुस्तिकाओं के संभावित गड़बड़ी या अदला-बदली को लेकर चिंताएं
बढ़ीं.
दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी यूपी में तूफ़ानी हवाएं और बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग ने और क्या बताया
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इमेज कैप्शन, दो से छह जून के बीच देश की राजधानी दिल्ली में छिटपुट बारिश होने और तेज़ हवाएं चलने की संभावना जतायी गई है (प्रतीकात्मक फोटो)
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली,
हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज़ हवाएं और बारिश होने की संभावना जताई है.
आईएमडी ने
मंगलवार को जानकारी दी है कि दो जून से छह जून तक यहां 40 से 50 किमी प्रति घंटा गति की तूफ़ानी
हवाएं चलने के साथ छिटपुट बारिश होने की संभावना है. हालांकि बिहार में इसी दौरान लू चलने का पूर्वानुमान है.
मौसम विभाग ने
बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के लगभग चार जून को केरल पहुंचने की संभावना है.
जिसकी वजह से केरल और तमिलनाडु में अगले छह-सात दिनों के अंदर भारी बारिश होगी.
देश के उत्तर-पश्चिम,
मध्य, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से
तूफ़ानी हवाएं चलने का पूर्वानुमान लगाया गया है.
मध्य प्रदेश
में 2 से 4 जून के बीच और छत्तीसगढ़ में 4 और 6 जून के दौरान गरज के साथ आंधी चलने
की संभावना जताई गई है.
आईएमडी के मुताबिक़, हवाओं की रफ़्तार 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा से लेकर 70 किमी प्रति
घंटा तक रहेगी.
दूसरी ओर,
बिहार में स्थिति उलट रहेगी. यहां चार से छह जून के बीच लू चलने का पूर्वानुमान
लगाया गया है.
यही स्थिति पश्चिम बंगाल के हिमालयी इलाक़ों और पूर्वोत्तर में भी रहने का पूर्वानुमान है.
कार्टून : परीक्षाएं और सवाल
इमेज कैप्शन, पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर आज का कार्टून
पाकिस्तान-ईयू के साझा बयान पर भारत ने जताई नाराज़गी
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इमेज कैप्शन, भारत ने पाकिस्तान-ईयू के साझा बयान में की गई टिप्पणियों को ख़ारिज किया है (फ़ाइल फ़ोटो)
भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान
और यूरोपीय संघ (ईयू) के उस साझा बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें जम्मू-कश्मीर का ज़िक्र किया गया था.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर
जायसवाल ने इसे 'भारत का आंतरिक मामला' बताया है और पाकिस्तान-ईयू के साझा बयान में की
गई टिप्पणियों को ख़ारिज किया है.
रणधीर जायसवाल ने कहा, "जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में किए गए उल्लेख पर हम
स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि भारत के आंतरिक मामलों से जुड़े मुद्दों पर
संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में की गई ऐसी अनावश्यक टिप्पणियों को हम पूरी तरह ख़ारिज
करते हैं."
उन्होंने कहा, "केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत
के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं. जिन लोगों का इन मामलों में कोई अधिकार नहीं है,
उन्हें इस पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से
बचना चाहिए."
सोमवार को पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय
ने पाकिस्तान और ईयू का साझा प्रेस नोट जारी किया था, जिसमें जम्मू-कश्मीर का ज़िक्र था.
साझा बयान में कहा गया,
"पाकिस्तानी पक्ष ने जम्मू-कश्मीर के
मुद्दे के बारे में ब्रीफ़ किया. ईयू पक्ष ने यूक्रेन के ख़िलाफ़ रूस के युद्ध के
बारे में ब्रीफ़ किया. दोनों ही पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों
के तहत, संघर्षों को बातचीत और कूटनीति से
सुलझाने का समर्थन किया."
शशि थरूर ने कहा, 'सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत और आख़िर में पूरा वंदे मातरम गाना ग़ैर-ज़रूरी'
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इमेज कैप्शन, शशि थरूर ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय गीत से कोई आपत्ति नहीं है, वे इसे ख़ुशी-ख़ुशी गा सकते हैं (फ़ाइल फ़ाटो)
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा है कि सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत और आख़िर में 'वंदे मातरम के सभी छंदों को गाना वहां मौजूद लोगों के लिए ग़ैर-ज़रूरी' है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम
में एक दिन पहले वंदे मातरम विवाद पर प्रतिक्रिया दी.
उन्होंने कहा, "सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत और अंत में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी छंदों को बजाने या गाने की अनिवार्यता वहां मौजूद ऑडियंस के लिए ग़ैर-ज़रूरी और बोझिल है."
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पीटीआई से कहा है, "कांग्रेस पार्टी को वंदे मातरम से समस्या है, क्योंकि वह मुस्लिम लीग के प्रभाव में आ गई है."
उन्होंने कहा, "गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से कहते हैं कि वंदे मातरम गाना वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य है. इस मुद्दे पर विवाद खड़ा करके राहुल गांधी की कांग्रेस पार्टी ने साफ़ कर दिया है कि उसकी नीतियां और मंशा देशभक्ति से नहीं, बल्कि देश के विरोध से प्रेरित हैं."
उधर, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वंदे मातरम से जुड़े विवाद को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया था और उम्मीद
जताई कि इसका समाधान आपसी सहमति से हो जाएगा.
शशि थरूर ने कहा, "मैं समझ सकता हूं कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति या प्रधानमंत्री से जुड़े औपचारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम को
एक बार गाया जाए. लेकिन किसी छोटे कार्यक्रम में पूरा गीत दो बार गाना समझ से परे
है. मुझे इसका कोई औचित्य नहीं दिखता, और यह ख़ास तौर पर प्रभावी भी नहीं है."
वह पुरानी परंपरा का हवाला देते हुए कहते हैं कि पहले
कार्यक्रम की शुरुआत में वंदे मातरम बजाया जाता था और अंत में राष्ट्रगान.
उन्होंने कहा, "मगर अब वे
चाहते हैं कि इसके सभी छंदों को सभी कार्यक्रमों की शुरुआत और अंत में बजाया जाए.
मेरे विचार में यह गैर-ज़रूरी रूप से थोपना है."
थरूर ने यह भी कहा, "वंदे मातरम हमारा राष्ट्रगीत है और
हम सब इसे बजाए जाने पर सम्मान में खड़े होते हैं और इसका पहला अंतरा या शुरूआती
कुछ अंतरे आम लोगों को कंठस्थ हैं."
बता दें कि गृह मंत्रालय के मुताबिक, वंदे मातरम के आधिकारिक संस्करण को गाने
की पूरी अवधि 3 मिनट, 10 सेकंड है.
इसे सभी सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों या अन्य औपचारिक आयोजनों
में बजाया जाना अनिवार्य है. इस दौरान हर व्यक्ति का खड़ा होना अनिवार्य होगा. अब
तक राष्ट्रगीत के पहले दो अंतरे गाए जाते थे.
थरूर ने यह भी कहा कि केरल सरकार का मानना था कि वंदे मातरम को पूरा गाना अनिवार्य नहीं है, जबकि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आलेकर की राय अलग है.
थरूर ने स्पष्ट किया कि उन्हें राष्ट्रीय गीत से कोई आपत्ति नहीं है. वे इसे ख़ुशी-ख़ुशी गा सकते हैं.
'कोई माई का लाल बंगला खाली करवाने से नहीं रोक सकता': राबड़ी देवी मामले पर बोले सम्राट चौधरी, सीटू तिवारी, बीबीसी संवाददाता, पटना से
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इमेज कैप्शन, बिहार सरकार का कहना है कि 10, सर्कुलर रोड बंगला अब मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया गया है (फ़ाइल फ़ोटो)
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
ने राबड़ी देवी के बंगले को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि 'बंगला खाली करना होगा, ऐसा होने से कोई नहीं
रोक सकता'.
सम्राट चौधरी मुज़फ़्फ़रपुर की
परसौनी नाथ पंचायत में लगे सहयोग शिविर के निरीक्षण के बाद एक सभा को संबोधित कर
रहे थे.
इस दौरान उन्होंने कहा, "पक्का (बंगला) खाली होगा. धरती पर कोई रोक नहीं सकता. कोई माई का लाल रोक नहीं सकता. घर तो खाली करना ही पड़ेगा. ये कोई राजतंत्र नहीं, लोकतंत्र है."
सम्राट चौधरी ने तेजस्वी और राबड़ी
देवी का नाम लिए बग़ैर कहा, "मां को
अलग बंगला चाहिए, बेटे को अलग चाहिए. पति, पत्नी, बेटे को
अलग-अलग सुरक्षा चाहिए. ऐसे नहीं चलेगा."
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10, सर्कुलर रोड बंगला खाली करने के लिए बीती 30 मई को पटना जिला प्रशासन
ने 15 दिन की मोहलत दी है.
इससे पहले राबड़ी देवी ने यह बंगला
खाली करने से इनकार करते हुए कहा था कि 'फ़ोर्स
बुलाकर सम्राट चौधरी बंगला खाली करवा लें'.
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश
कुमार ने मंगलवार को ही भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह को तलब किया.
इस मुलाक़ात के बाद लेसी सिंह ने कहा,
"विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही
है."
बिहार सरकार का कहना है कि 10,
सर्कुलर रोड बंगला अब मंत्री नंद किशोर राम को
आवंटित किया गया है.
यूक्रेन के कई शहरों पर रूस के बड़े हमले, दो बच्चों समेत कम से कम 16 लोगों की मौत, विताली शेवचेंको, कीएव से, और हेनरी मोअर
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इमेज कैप्शन, अधिकारियों ने बताया कि राजधानी कीएव में हुए हमलों में पांच लोग मारे गए हैं
रूस के मिसाइल और ड्रोन हमले में
यूक्रेन में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई है. इनमें 11 लोग निप्रो शहर में और
पांच लोग राजधानी कीएव में मारे गए हैं.
मारे गए लोगों में दो बच्चे भी शामिल हैं. यह हमला हाल के महीनों में रूस की ओर
से किए गए सबसे बड़े हमलों में से एक माना जा रहा है.
रातभर चले हवाई हमलों में रिहायशी
इमारतों को निशाना बनाया गया, जिसमें
कई बच्चों समेत दर्जनों लोग घायल भी हुए हैं.
कीएव में मलबे के नीचे लोगों के फँसे
होने की आशंका के बीच राहत और बचाव दल उन्हें तलाशने में जुटे रहे. मंगलवार तड़के
यूक्रेन के ज़्यादातर हिस्सों में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई थी.
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ये
हमले यूक्रेन की पिछली कार्रवाइयों के जवाब में किए गए थे. मंत्रालय ने एक बयान
में कहा कि हमले के सभी "लक्ष्य" हासिल कर लिए गए हैं.
रूस ने पिछले हफ़्ते चेतावनी दी थी
कि वह "व्यवस्थित हमले" करेगा. रूस ने आरोप लगाया था कि कीएव ने पूर्वी
यूक्रेन के उसके कब्ज़े वाले हिस्से में एक छात्रावास पर घातक हमला किया था.
यूक्रेन का कहना था कि उसने रूस की
एक सैन्य इकाई को निशाना बनाया था.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर
ज़ेलेंस्की ने सोमवार रात अपने वीडियो संदेश में चेतावनी दी थी कि "बड़ा
हमला" हो सकता है.
मंगलवार सुबह ज़ेलेंस्की ने कहा कि
रातभर चले हमले में रूस ने 656 स्ट्राइक ड्रोन और 73 मिसाइलें दागीं. इनमें
बैलिस्टिक, क्रूज़ और एंटी-शिप मिसाइलें शामिल
थीं.
कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा, 'एक प्रतिष्ठित व्यक्ति आज आंदोलन से जुड़ेंगे'
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इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके ने सोमवार को एलान किया कि वह छह जून को भारत लौटेंगे
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कहा
है कि 'कॉकरोच आंदोलन' के साथ आज 'एक प्रतिष्ठित व्यक्ति जुड़ेंगे'. सीजेपी ने यह घोषणा सोशल मीडिया पर की.
हालांकि, सीजेपी ने उस 'प्रतिष्ठित
व्यक्ति' का नाम जाहिर नहीं किया.
एक्स पर जारी बयान में सीजेपी ने कहा,
"आज एक प्रतिष्ठित व्यक्ति कॉकरोच
आंदोलन में शामिल होंगे. जानने के लिए जुड़े रहिए."
इससे पहले सीजेपी के संस्थापक अभिजीत
दीपके ने सोमवार को एलान किया कि वह छह जून को भारत लौट रहे हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि वह जंतर-मंतर
पर 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन' की अनुमति मांगेंगे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा
मांग करेंगे.
सीबीएसई ने बताया, स्टूडेंट्स किन चीज़ों में सुधार के लिए कर सकते हैं अप्लाई
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इमेज कैप्शन, सीबीएसई ने स्कैन आंसर कॉपियों से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए पोर्टल पर अलग से विकल्प दिया है (प्रतीकात्मक फोटो)
सीबीएसई 12वीं बोर्ड के जिन स्टूडेंट्स को स्कैन आंसर शीट के पन्नों के धुंधले होने या गायब होने की शिकायत थी, वो अब इसमें सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं.
सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने मंगलवार को बताया कि पोर्टल में आवेदन करते समय आधार वेरिफ़िकेशन को सुरक्षा की दृष्टि से जोड़ा गया है.
जिन विद्यार्थियों के पास अपना आधार कार्ड नहीं है, वे अपने माता-पिता, गार्जियन या रिश्तेदार के आधार से यह वेरिफ़िकेशन कर सकते हैं. साथ ही आवेदन प्रक्रिया समझाने के लिए एक ट्यूटोरियल वीडियो भी जारी किया.
दो जून यानी आज से 12वीं कक्षा की परीक्षा से जुड़े
वेरिफ़िकेशन और री-इवैल्यूएशन का पोर्टल चालू हो चुका है.
इच्छुक विद्यार्थी आगामी छह जून (रात 12 बजे) तक पोर्टल पर अपनी शिकायतों के लिए आवेदन कर सकेंगे.
साथ
ही यह भी सहूलियत दी गई है कि वे अपने आवेदन में एक से अधिक समस्याएं और विषयों का चुनाव कर सकते हैं.
सीबीएसई ने प्रेस रिलीज़ में स्कैन की हुई आंसर शीट से जुड़ी कुछ समस्याओं का उल्लेख भी किया है, जिसमें ये कमियां शामिल हैं:
आंसर शीट्स के पेज गायब होना
मेन आंसर शीट के साथ लगाई गईं सप्लीमेंट्री शीट गायब होना
आंसर शीट में जोड़े गए मैप/डायग्राम का न पाया जाना
पेज धुंधला (ब्लर) होना
साथ ही केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने प्रमुख कमियों में यह भी शामिल किया है कि अगर
किसी स्टूडेंट को स्कैन की हुई गलत आंसर बुक मिली है या किसी दूसरे सेट के हिसाब
से मूल्यांकन कर दिया गया है तो वे भी पुन: मूल्यांकन कर सकते हैं.
गौरतलब है कि 13
मई को 12वीं बोर्ड का रिज़ल्ट जारी होने के बाद नई मूल्यांकन प्रणाली ओएसएम (ऑन
स्क्रीन मार्किंग) को लेकर विवाद शुरू हो गया था.
फिर 28 मई को केंद्रीय
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओएसएम से जुड़ी गड़बड़ियों की ज़िम्मेदारी लेकर इसके
समाधान के लिए स्टूडेंट्स और पेरेंट्स को आश्वस्त किया था.
अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक इस लाइव ब्लॉग के ज़रिये ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.
झारखंड: बीबीसी की रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने सालों से बंद पड़ा हैंडपंप ठीक किया, मोहम्मद सरताज आलम, बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, इस हैंडपंप के पानी से गांव के 25 परिवारों के लगभग सौ लोगों को लाभ मिल रहा है
झारखंड के खूंटी ज़िले में उम्बुलबहा और रूरुवांग गांव में पानी की किल्लत पर बीबीसी ने 27 मई को ग्राउंड रिपोर्ट की थी, जिसके बाद प्रशासन नेइसके समाधान के लिए क़दम उठाए हैं.
स्टोरी पब्लिश होने के अगले ही दिन सुबह ज़िला प्रशासन की टीम गांव पहुंची. 28 मई को उन्होंने सालों से बंद पड़े हैंडपंप को शुरू किया.
इस हैंडपंप के पानी से गांव के 25 परिवारों के लगभग सौ लोगों को लाभ मिल रहा है.
दरअसल, यहां के लोग रोज़ सुबह पानी भरने के लिए एक किलोमीटर दूर जाते हैं और पहाड़ से रिसकर एक जगह जमा हुए पानी को लेकर आते हैं. यह पानी भी पीने लायक नहीं होता है.
यहां के लोगों ने बताया कि डेढ़ साल पहले जल जीवन मिशन के तहत जलमीनार का निर्माण हुआ था, लेकिन उसमें पानी नहीं आया.
प्रशासन का कहना है कि इस इलाक़े में ग्राउंड वाटर लेवल काफ़ी नीचे है, जिस वजह से पानी की समस्या है. हालांकि, अब हैंडपंप शुरू होने से ग्रामीणों को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है.
यहां देख सकते हैं उम्बुलबहा और रूरुवांग गांव में पानी की किल्लत से जुड़ी वीडियो स्टोरी
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ट्रंप के एलान के बावजूद इसराइल और हिज़्बुल्लाह में झड़पें जारी, जारोस्लाव लुकीव
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इमेज कैप्शन, लेबनान का दावा है कि इसराइल ने दक्षिणी इलाक़ों में कई जगह हमले किए हैं
अमेरिका की मध्यस्थता के बाद इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच युद्धविराम हुआ था, लेकिन इसके बावजूद दक्षिणी लेबनान में झड़पें जारी हैं.
हिज़्बुल्लाह ने कहा कि उसने उत्तरी इसराइल के दो गांवों के पास इसराइली टैंकों और सैनिकों पर हमले किए.
दूसरी ओर, इसराइली सेना ने कहा कि उसने लेबनान से दागे गए दो प्रोजेक्टाइल को रोक लिया. किसी के घायल होने की ख़बर नहीं है.
लेबनान की सरकारी नेशनल न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि इसराइल ने दक्षिणी इलाक़ों में कई जगह हमले किए और देब्बीन कस्बे में ज़ोरदार धमाका हुआ है.
गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उनकी दोनों पक्षों से बात हुई है और दोनों ने युद्धविराम पर सहमति जताई है.