ये सबसे सही वक़्त है यौन उत्पीड़न को सामने लाने का: फ़रहान अख़्तर

    • Author, सुप्रिया सोगले
    • पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी के लिए
  • प्रकाशित

"निर्भया कांड" के बाद 2013 में अभिनेता निर्माता निर्देशक और गायक फ़रहान अख़्तर ने मर्द (मेन अगेंस्ट रेप एंड डिस्क्रिमिनेशन) नामक संस्था बनाई जो महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा के बारे में समाज को जागरूक करने की पहल थी.

मुंबई में हुए "मर्द ललकार" कॉन्सर्ट की घोषणा के लिए पत्रकारों के मुख़ातिब हुए फ़रहान अख़्तर ने महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न और हिंसा पर अपने विचार सामने रखे.

हार्वी वाइनस्टीन के मामले के बाद पूरे विश्व में कामकाजी महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न पर चल रही बहस को फ़रहान अख़्तर बहुत अच्छा मानते हैं.

उनके मुताबिक महिलाओं के लिए ये सबसे सही वक़्त है कि वो अपने साथ घटी ऐसी घटना को सामने ला सकती हैं.

बॉलीवुड में आसान है यौन उत्पीड़न पर बोलना?

हॉलीवुड अभिनेत्रियां अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न के बारे में खुल कर बात कर रहीं है. मगर क्या भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री की अभिनेत्रियों के लिए ऐसा करना आसान होगा?

अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न को दुनिया के सामने लाने के बाद , क्या उस अभिनेत्री को उसी तरह काम मिलेगा जैसे पहले मिलता था?

इस पर फ़रहान कहते है कि,"विश्व की हर इंडस्ट्री में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हुई हैं. लेकिन जिस तरह से पूरी दुनिया में लोग ऐसे मुद्दों पर खुल कर चर्चा कर रहें हैं, उससे तो लगता है ये बहुत ही सही वक़्त है. आज ज़रूरत है कि लोग अपने आप को सशक्त महसूस करें और अपने साथ हुई घटना के बारे में बात करें. सही सोच रखने वाले व्यक्ति इसका समर्थन करेंगे."

जागरूक करना ज़रूरी

फ़रहान कहते हैं कि अतीत में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिनमें फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का नाम शामिल था. फ़िल्म इंडस्ट्री ने भी इन पर अपनी प्रतिक्रिया दी.

फ़रहान अख़्तर के मुताबिक फ़िल्म इंडस्ट्री में यौन उत्पीड़न के खुलासे से फ़िल्म इंडस्ट्री में काम मिलना बंद नहीं होता.

वो कहते हैं, "ये सवाल ही नहीं उठता की कोई पूरी ईमानदारी से अपने साथ हुई घटना का खुलासा करे और उसे इस कारण काम नहीं मिले. कल अगर आप अपने साथ हुई घटना के बारे में बात करते हैं तो ये आपके काम पर किसी तरह का प्रभाव नहीं डालेगा. लोग आपकी फ़िल्म देखना चाहते हैं तो वो आपकी फ़िल्म देखेंगे. निर्माता उन्हीं के साथ काम करते हैं जिन्हें वो सफल मानते हैं."

फ़रहान मानते हैं कि यौन उत्पीड़न की घटना के बारे में बोलना और फ़िल्म इंडस्ट्री में काम दो अलग चीज़ें हैं. इन्हें साथ में जोड़ कर नहीं देखना चाहिए.

फ़रहान के मुताबिक लोगों को खुलकर अपनी बात सामने रखनी चाहिए. वो कहते हैं महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार हर क्षेत्र में होता है, इसलिए समाज को जागरूक करना ज़रूरी है.

21 नवंबर को "ललकार कॉन्सर्ट" का आयोन किया जाएगा जिसमें कई कलाकार भाग लेंगे. इसमें नई पीढ़ी को महिलाओँ के प्रति संवेदनशीलता रखने का सन्देश दिया जाएगा.

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